Old Fort or Purana Kila


Old Fort of Delhi is believed to be situated on the same site where the city of Indraprastha once stood. As per the great Indian epic Mahabharta, It was later completed or at least renovated by Humayun. Infact, the southern gate of the fort is known by the name of Humayun Darwaza. This gate as well as Talaqui Darwaza (the forbidden gateway) on the north combines Islamic pointed arch with Hindu Chhatris and brackets. Old Fort has 2 km long fortifications, with three gates that have fortresses on both the sides. Circling the fort is a wide moat, connected to river Yamuna that once used to flow on the eastern side of the fort. Excavations were carried out in the Old Fort area that came up with 1000 BC dated pieces of painted gray ware that were said to be connected with Mahabharata. Indraprastha was the capital city of the Pandavas. Now standing mostly in ruins, the Old Fort of Delhi once served as the seat of administration of a number of glorious emperors. Emperor Sher Shah Suri got the fort constructed after he demolished Humayun's city, Dinpanah. Also known as the Purana Quila, the Old fort is more or less rectangular in shape, with a course of nearly two km. The legend has it that Sher Shah could not complete the construction of Purana Quila during is lifetime.

महान भारतीय महाकाव्य महाभारत के अनुसार माना जाता है कि दिल्ली का पुराना किला उसी स्थान पर स्थित है जहाँ कभी इंद्रप्रस्थ शहर बसा था। इसे बाद में हुमायूँ द्वारा पूरा या पुनर्निर्मित किया गया। वास्तव में] किले के दक्षिणी द्वार को हुमायूँ दरवाजा के नाम से जाना जाता है। इस द्वार के साथ&साथ उत्तर में तालाकी दरवाजा (निषिद्ध प्रवेश द्वार) हिंदू छतरियों और कोष्ठक के साथ इस्लामी नुकीले मेहराब को जोड़ता है। पुराने किले में 2 किमी लंबे किले हैं] जिसमें तीन द्वार हैं जिनके दोनों ओर किले हैं। किले की चारों ओर एक विस्तृत खाई है] जो यमुना नदी से जुड़ी है जो कभी किले के पूर्वी हिस्से में बहती थी। पुराने किले में उत्खनन में महाभारत कालीन 1000 ईसा पूर्व में चित्रित बर्तनों के टुकड़ों मिले थे। इंद्रप्रस्थ पांडवों की राजधानी थी। अब ज्यादातर खंडहरों में खड़े] दिल्ली के पुराने किले ने कभी कई शानदार सम्राटों के प्रशासन की सीट के रूप में कार्य किया था। बादशाह शेरशाह सूरी ने हुमायूँ के शहर] दीनपनाह को ध्वस्त करने के बाद इसका iqu% निर्माण करवाया। इसे पुराण किला के रूप में भी जाना जाता है। पुराना किला लगभग दो किमी के क्षेत्र में आयताकार आकार का है। किंवदंती यह है कि शेर शाह अपने जीवनकाल के दौरान पुराण किला का निर्माण पूरा नहीं कर सके।

शुरू हुआ1538